इस अजनबी सी दुनिया मे,अकेला एक ख्वाब हूं…
सवालो से खफा,छोटा सा जवाब हूं…
जो ना समझ सके,उनके लिए “कौन”…
जो समझ चुके, उनके लिए किताब हूं…
दुनिया की नजरो मेँ ,जाने क्यों चुभा सा…
सबसे नशीला और बदनाम शराब हूं…
सिर उठा के देखो,वो देख रहा है तुम्हे…
जिसको ना देखा उसने,वही चमकता आफताब हूं…
आंखो से देखोगे,तो खुश मुझे पाओगे…
दिल से पूछोगे,तो दर्द का सैलाब हूं…
Arun Singh
—Sucess Is a Jouney Not A Destination——
